सारांश
मासूम प्रतिशोध
एक धूप भरे अपराह्न में, शहर के केंद्र में आयोजित एक महोत्सव की हलचल के बीच, युवा ताकाशी अपने स्थिति पर विचार कर रहा था। वह हमेशा आसपास के लोगों द्वारा "खराब इंसान" कहकर बुलाया जाता था और उसे नजरअंदाज कर दिया जाता था। वह सोचने लगा कि वह आखिरकार अपने दोस्तों और परिवार को भी प्रतिशोध का लक्ष्य बनाएगा। यह भी प्रेम से भरा, मीठा प्रतिशोध होगा।
उसने चुपचाप शहर के सबसे प्रसिद्ध रेस्तरां में विशेष मिठाई का परीक्षण करने का निर्णय लिया। इसका नाम था "निराशा का टेडी बियर"। इसके अंदर एक विशेष कड़वा सॉस छिपा हुआ था, और जो भी इसे खाएगा, वह अपने दिल की गहरी अंधकार में झाँकेगा। जब उसका यह खाया हुआ मित्रों को ताकाशी की ओर मुस्कुराने के योग्य बना दे, तभी उसकी योजना पूरी होगी।
भाग्य के दिन, ताकाशी ने सावधानी से "निराशा का टेडी बियर" परोसा। दोस्तों को उसके चेहरे की कोई परवाह नहीं थी, और उन्होंने खुशी-खुशी खाना शुरू कर दिया। हालाँकि, धीरे-धीरे उनके चेहरे का रंग पीला पड़ने लगा और उनके भावनाएँ बदलने लगीं। खुशहाल महोत्सव के माहौल में, उनके दिल के अंदर छुपे ट्रॉमा ने एक-एक कर उभरना शुरू कर दिया। कुछ रोने लगे, कुछ ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगे, और कुछ ने खुद के मरने के स्थान की खोज में निकल पड़े।
अंततः, ताकाशी ने बड़ी सफलता प्राप्त की, लेकिन वह खुद "आत्मावलोकन में अपराधी नहीं" के विचारों से चिंतित हो गया। जो दर्द उसने उत्पन्न किया था, उसके लिए अपराधबोध ने उसे आ घेरा। लेकिन जब उसने अपने चारों ओर लोगों की मुस्कान और आँसू देखे, तो वह थोड़ी राहत महसूस करने लगा। उसने दिल के गहराई में विश्वास किया कि वे भी उसकी पीड़ा को याद कर सकते हैं और एक नए दिशा में बढ़ सकते हैं। क्या वास्तव में प्रतिशोध एक सच्चा समाधान बन जाएगा, या केवल एक साधारण साथी रहेगा, यह किसी को नहीं पता।






































































































































































































