सारांश
तानुकी सोने का गांव
एक समय की बात है, एक तानुकी का गांव था। इस गांव में, तानुकी हमेशा मिल-जुलकर रहते थे। लेकिन, गांव में एक बड़ा समस्या था। वह यह था कि हर साल बाहर के इंसान आते थे और तानुकी को पकड़कर उन्हें राक्षसों जैसी शक्ल में बदल देते थे। तानुकी ने इसका मुकाबला करने के लिए एक योजना बनाई।
गांव के बुजुर्ग तानुकी ने "तानुकी सोने" की योजना का सुझाव दिया। तानुकी गांव के चौक में इकट्ठा हुए और सभी ने एक साथ सोने का नाटक करने का फैसला किया। उन्होंने प्यारी नींद की शक्ल बनाई और यह सोच लिया कि अगर वे पकड़े गए तो उनका अंत होगा। जब इंसान गांव में आए, तो तानुकी ने ऐसा दृश्य बनाया कि कोई कुछ नहीं हो रहा है और सब कुछ शांत है।
इंसान पहले तो आश्चर्यचकित हुए जब उन्होंने देखा कि सभी तानुकी गहरी नींद में हैं। लेकिन जब उन्होंने ध्यान से देखा, तो तानुकी के "सोने के चेहरे" बेहद हास्यपूर्ण थे और वे मुस्कुराने से खुद को रोक नहीं पाए। इंसान सोचने लगे, "अगर हम इन प्यारे सोने वाले तानुकी को पकड़ लें, तो शायद उन्हें अपने कमरे में सजाकर रख सकें।" इस विचार से वे तानुकी के करीब जाने लगे। गांव के तानुकी ने उस पल में अपनी आंखें खोली और मुस्कुराए।
इंसान उस पल में समझ गए कि तानुकी सोने का नाटक कर रहे थे और वे सदमे में खड़े रह गए। तानुकी सभी एक साथ खड़े हुए और "अब हम जवाब देंगे!" चिल्लाते हुए, एक साथ आसमान की तरफ कूद पड़े। इंसान दंग रह गए और जल्दी भागने लगे। तब से, गांव के तानुकी ने इस योजना से गांव की रक्षा करने में सफलता हासिल की और बाहर के इंसान दोबारा कभी नजदीक नहीं आए। तानुकी की हास्य भावना गांव के इतिहास में गहरी छाप छोड़ गई और वे मुस्कुराते हुए खुशहाल जीवन जीने लगे।






































































































































































































