सारांश
रहस्यमय जंगल का पक्षी
बहुत समय पहले, एक घने जंगल के अंदर "पक्षियों का देश" नामक एक अद्भुत जगह थी जहाँ विभिन्न प्रकार के पक्षी रहते थे। वहाँ रंग-बिरंगे पंखों वाले पक्षी स्वतंत्रता से आसमान में उड़ते थे और ढेर सारी खुशियाँ मनाते थे। लेकिन एक दिन, एक बुरी जादूगरनी ने उस जंगल में प्रकट होकर पक्षियों के आसमान को बंद कर दिया। जादूगरनी के श्राप के कारण, पक्षियों को आसमान में उड़ने का मौका नहीं मिला और उन्हें जमीन पर रहना पड़ा।
पक्षी बहुत परेशान हो गए और किसी तरह से जादूगरनी को हराने का विचार करने लगे। लेकिन सबके विचार केवल आसमान को वापस पाने के तरीकों के चारों ओर घूमते रहे। ऐसी स्थिति में, एक छोटे से चिड़िया, चून ने एक नया विचार पेश किया। "जब हम परेशान हैं, तब हमें जमीन पर ध्यान केंद्रित करके एक नई दिशा खोजना चाहिए," उसने कहा। सबने शुरु में उसका मजाक उड़ाया, लेकिन धीरे-धीरे वे चून की बातों को सुनने लगे।
चून ने कहा, "हमें उन पौधों और फलों की तलाश करनी चाहिए जिन्हें पक्षी खा सकते हैं।" फिर जब उन्होंने जमीन को देखा, तो उन्हें सुंदर भूले हुए फूल और फल-bearing पेड़ दिखाई दिए। वे लंबे समय के बाद की ज़मीनी जिंदगी का आनंद लेते हुए, खाद्य पदार्थों की खोज करने लगे और धीरे-धीरे उनका मन हल्का होने लगा। इसके चलते, पक्षियों के बीच की मित्रता गहरी होने लगी और सहयोग की भावना विकसित होने लगी।
और अंततः एक दिन, उनकी एकजुटता ने जादूगरनी के जादू का सामना करने की ताकत प्रदान की। चून ने अपने साथियों को एकत्र किया और सबने एक साथ जंगल के अंदर जादूगरनी के घर की ओर बढ़े। उनके साहसी प्रयासों के परिणामस्वरूप, जादूगरनी हैरान रह गई और उनके बल के सामने झुक कर श्राप खोलने का निर्णय लिया। जब आसमान वापस आया, तो पक्षियों ने फिर से बलशाली होकर उड़ान भरना शुरू किया। और उन्होंने अपने दिल में यह बात अंकित कर ली कि जब हम दबाव में हों, तो हमें नई दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।






































































































































































































