सारांश
राज़ को बांटना
एक छोटे से शहर में, एक ऐसा ज्योतिषी रहता था जो सब कुछ जानता था। उसका नाम मिस्टर स्मिथ था। शहर के सभी लोग उसकी भविष्यवाणी की दक्षता पर हैरान थे, और कभी-कभी वे उसकी बातों पर ज्यादा विश्वास कर लेते थे। एक दिन, उसने "राज़ को बांटना" नामक एक नई भविष्यवाणी विधि बनाई। यह विधि मन में छिपे हुए रहस्यों और परेशानियों को प्रकट करके और सच्चाई बताकर भाग्य को बदलने के लिए थी।
शहर के निवासियों ने पहले तो संदेह किया, लेकिन जिज्ञासा के चलते कई लोग इसे आजमाने लगे। विशेष रूप से, शहर की सबसे गपशप करने वाली महिला मैरी ने अपने छोटे से राज़ को बताने का फैसला किया। जब उसने जो "किसी को नहीं बताना चाहिए" ऐसा सोच रखा था, वह बात मिस्टर स्मिथ को बताई, तो वह हंसी नहीं रोक पाया और जोर से हंस पड़ा। मैरी चौंक गई, और आसपास के लोगों को भी उसके राज़ का पता चल गया।
इसके परिणामस्वरूप, मैरी शहर में हंसी का विषय बन गई, और कोई भी उसे गंभीरता से लेने लगा। लेकिन, मिस्टर स्मिथ ने इस हलचल को मजेदार समझा और अपनी विधि को और फैलाने का फैसला किया। उसके भविष्यवाणी को मानने वाले अन्य निवासियों ने भी लगातार बेवकूफी भरे राज़ का खुलासा किया, और हर बार शहर में अराजकता मच गई। हंसी और मजाक के तूफान में फंसे निवासियों ने एक-दूसरे के दिल की बातें उगलने का जीवन जीना शुरू कर दिया।
अंत में, पूरा शहर काले हास्य में लिपट गया, और "राज़ होना शर्म की बात है" एक नया सामाजिक चलन बन गया। हंसते-हंसते अपने दिल की बात कहने वाले शहर के लोग, क्या वास्तव में अपने दिल खोल रहे थे, या केवल मज़ाक कर रहे थे? कोई भी उस सवाल का जवाब नहीं जानता था।






































































































































































































