सारांश
भौंकने वाले कुत्ते की इच्छाएँ
एक छोटे से शहर में हमेशा भौंकने वाला कुत्ता "रॉकी" रहता था। रॉकी पड़ोस के लोगों के लिए एक परेशान करने वाला था, फिर भी बच्चों के लिए वह थोड़ा डरावना और थोड़ा मजेदार भी था। एक दिन, जब क्रिस नाम का एक युवा रॉकी को भौंकते हुए देख रहा था, उसने पास के स्नैक शॉप के कर्मचारी जिल से मजाक करते हुए बात की।
"चलो, उसे और भौंकने के लिए उकसाते हैं! मुझे लगता है कि वह खुशी-खुशी भौंकेगा," क्रिस ने मुस्कुराते हुए कहा। जिल थोड़ी देर के लिए असमंजस में रहा, लेकिन क्रिस के शब्दों से प्रभावित होकर, उसने भी रॉकी को उकसाना शुरू कर दिया। "अरे रॉकी! क्या तुम अपनी आवाज़ और तेज कर सकते हो?" जिल ने यह सोचते हुए कि उसकी कार्रवाई गलत साबित होगी, अत्यधिक उत्तेजना में रॉकी को और चुनौती देने लगा।
जल्द ही रॉकी लगातार भौंकने लगा और पड़ोसी लोग इकट्ठा होने लगे। उत्तेजित भीड़ ने रॉकी की भौंकने पर ताली बजाई। लेकिन इस प्रकार का समर्थन रॉकी की भावना को और बढ़ा दिया। वह इतना भौंकने लगा कि उसकी आवाज़ बैठने लगी, और वातावरण में अजीब सा माहौल बनने लगा, जिसमें "आओ, और भौंको!" की निगाहें एकत्रित होने लगीं।
लेकिन, रॉकी में जल्द ही अनुपयुक्त प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई। वह भौंकने से थक गया था। अचानक, उसने चारों ओर दौड़ना शुरू किया और बिना किसी को ध्यान में रखे भाग निकला। उस पल, शहर में लोग हैरान हो गए और डर फैल गया। अंततः, क्रिस और जिल को यह कभी नहीं सोचा था कि उनकी मजाक अचानक एक बड़ी आपदा का कारण बन जाएगी। उन्होंने "भौंकने वाले कुत्ते को उकसाने" के खतरनाक अनुभव को अच्छी तरह से समझ लिया।






































































































































































































