सारांश
एक शहर में, एक बहुत गरीब आदमी रहता था। वह हमेशा साधारण भोजन करता था, लेकिन एक दिन, उसे अपने दोस्त से मिली एक उबली हुई अंडा मिली। वह अंडा उसके लिए एक विशेष उत्सव जैसा था। उसने इसे बड़े ध्यान से रखा और सोचा कि वह इसे कब खाएगा। लेकिन उसी दिन, शहर में एक भूखा यात्री आया, जो खाने के लिए बीक मांग रहा था। गरीब आदमी ने अपने उबले हुए अंडे को यात्री के साथ बाँट दिया। यात्री ने आभार व्यक्त किया और उसे आशीर्वाद दिया।
शिक्षा:
इस कहानी की शिक्षा यह है कि जो कुछ हमारे पास है, उससे दूसरों की सहायता करना बहुत महत्वपूर्ण है और दया का हृदय किसी भी स्थिति में मूल्यवान होता है। भले ही हमारे पास कुछ कम हो, दूसरों के प्रति दया या मदद करना सबसे बड़ा धन ला सकता है।
तल्मूद की शिक्षाएँ रोज़मर्रा की ज़िंदगी में दूसरों के प्रति दयालु होने और बड़े दिल का महत्व को ज़ोर देती हैं। चाहे कितनी भी छोटी क्रिया हो, वह किसी के लिए बड़ा अर्थ रख सकती है।

















































