सारांश
बहुत समय पहले, एक राज्य में एक सुंदर राजकुमारी का जन्म हुआ। उसकी जन्म का जश्न मनाने के लिए पूरे राष्ट्र के परियों को आमंत्रित किया गया, लेकिन एक परी को बुलाया नहीं गया, जिसके परिणामस्वरूप उसने राजकुमारी पर एक दुर्भाग्य का श्राप डाल दिया। उसने कहा, "अपने 15वें जन्मदिन पर वह एक सुई से चुभकर मर जाएगी।" लेकिन दूसरी परियों ने उस श्राप को कम करने के लिए कहा, "वह नहीं मरेगी, बल्कि 100 वर्षों की नींद में चली जाएगी," और यह लिखा कि वह सच्चे प्यार की किस से जागेगी।
राज्य इस श्राप से डर गया और सभी सुइयों को हटा देने का निश्चय किया, लेकिन 15वें जन्मदिन पर, राजकुमारी случай से एक सुई से चुभ गई। वह गहरी नींद में चली गई, और राज्य भी उसके साथ नींद में लिपट गया। इसके बाद, लंबा समय बीत गया, और राज्य भुला दिया गया, और कांटों की झाड़ी ने राज्य को घेर लिया।
एक दिन, एक दूर देश का युवक उस झाड़ी से टकराया और "कांटों की राजकुमारी" के बारे में एक किंवदंती सुनी, फिर उसने साहसपूर्वक झाड़ी को काटकर आगे बढ़ा। जब उसने राजकुमारी को पाया, तो उसकी सुंदरता ने उसे मोहित कर दिया, और उसने उसे चूमा। तभी राजकुमारी जाग गई, और राज्य भी जाग गया। राजकुमार और राजकुमारी ने शादी की और खुशी-खुशी रहने लगे।
इस कहानी का संदेश है कि भाग्य का मुकाबला करना कितना कठिन है और उसका सामना करने के लिए साहस कितनी महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, यह यह भी दिखाता है कि सच्चे प्यार की शक्ति समय को पार करके कठिनाइयों को पार कर सकती है। प्यार बच्चों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मूल्य है और यह आशा का प्रतीक भी है।



































