सारांश
‘सुंदर नया विश्व’ ऑल्डस हैक्सले द्वारा 1926 में प्रकाशित एक डिस्टोपियन उपन्यास है, जो एक ऐसा भविष्य समाज दर्शाता है जो परफेक्ट दिखता है लेकिन असल में दमनकारी है। यह कहानी विज्ञान तकनीक और सामाजिक नियंत्रण के चरम पर विकसित एक भविष्य के विश्व में मानव स्वतंत्रता और व्यक्तित्व के नुकसान को उजागर करती है।














